Friday, April 29, 2011

वो याद आती है बहुत

वो याद आती है बहुत
जब हम अकेले होते हैं
वो ख्यालों में छा जाती है
जब हम अकेले होते हैं
पवन का झोंका ले आई ये खुसबू कैसी
लगता है ऐसा वो हो मेरे सामने बैठी
उनके इस एहसास से चेहरे पे मुस्कराहट आई
रात के सन्नाटे में जैसे जुगनू की रौशनी छाई
वो याद आती है बहुत
जब हम अकेले होते हैं
वो ख्यालों में छा जाती है
जब हम अकेले होते हैं
सुबह होती है शाम आती है
दिन कटता है रात भी जाती है
पर यादों का ताना बना है इतना प्यारा
जो हमे हरपल देता सहारा
उनकी आँखों की वो चमक
उनके लबों की वो हंसी
आज भी ये यादें उनकी देती है ख़ुशी
वो याद आती है बहुत
जब हम अकेले होते हैं
वो ख्यालों में छा जाती है
जब हम अकेले होते हैं