Tuesday, January 30, 2018

उनकी सूरत और यादें

उनकी हर एक याद को जेहन में छुपा रखा है
उनकी हर एक मुलाक़ात को दिल मे दबा रखा है
वो हमें भूल भी जाये कोई गम नही यारों
उनकी सूरत आज भी सीने से लगा रखा है

Tuesday, January 23, 2018

वो दो ख़त...

लिखे थे तुमने दो ही ख़त मुझको
एक, जिसमे प्यार भरा था,
और दूसरे में, शिक़वा-गिला था...
आज तक बस यही सोच में है दिल
कौन सा ख़त, भला था
और कौन सा ख़त बुरा था...