Sunday, May 8, 2016

Maa

when u  feel u are alone in crowd
when u think no one can understand you
when u think ur love is rejected by others
and when u hate ur life just close ur eyes..

 and think about her who loves u truly
cares for u in loneliness dies when you cry
she is no one else
but MOM

maa i love you

Saturday, May 7, 2016

कान्हा की राधा

कान्हा की राधा
और राधा का कान्हा
दोनों का  रिश्ता जग से अंजना
नन्द के दुलारे बड़े ही सयाने थे
गईयाँ चरते थे
बंसरी बजाते थे
गोपियों को रिझाते थे
राधा बेचारी थी
कुछ कह ना पति थी
श्याम तो सताता था
पर वो तो मुस्काती थी
कान्हा की राधा
और राधा का कान्हा ...
राधा की  ये  कहानी  थी
कृष्ण की दीवानी थी
वो तो शरमाती थी
कुछ कह न पाती  थी
पर ख़ुशी भी चिप न पाती थी
कान्हा की राधा
और राधा का कान्हा ...

Wednesday, May 4, 2016

न मै नाराज़ किसी से

न मै नाराज़ किसी से
न किसी से शिकायत है
ये तो वक्त ही है
और एहमियत आपकी
कुछ रिश्ते और मजबूत हुए
और कुछ में गांठ पड़ी
कभी वो दूर होके भी पास थी
आज पास होके भी दुरी दिखती है

ये दरिया है वक़्त का
बहती ही रहती है
कुछ धाराओँ को अपना लेते हैं
और कुछ किनारो को
यहाँ लहरें उठती ही नही
सब खामोश है
न मै नाराज़ किसी से
न किसी से शिकायत है

अरसों बाद मेरी एक रचना...