Wednesday, July 18, 2018

इश्क़ ऐसे करो कि, धड़कन में उतर जाए,
सांस भी लें तो खुशबू उसी की आये
प्यार का नशा आँखों पर ऐसा छाए
बात कोई भी हो, जुबां पे नाम उसी का आये।

Saturday, July 14, 2018

तू नही है तो क्या
तेरी परछाई आज भी वन्ही दिखती है
बस तस्सल्ली हो जाती है
शायद तुम आज भी यहीं हो।
एक तो घुप काली रात और ऊपर से ये अँधेरी परछाई,
 हर तरफ सन्नाटा और जाने किधर से कोयल की कुक आयी,
अँधेरे की आगोश में सिमटा है सब कुछ,
और एक हम है जिसे अब तक नींद नही आयी।