ये जो इश्क़ है
इक लंबा सफर है
चलो कुछ अल्फ़ाज़ रहने दो।
बातें करेंगे एक दूजे की
धीमे धीमे, आहिस्ता आहिस्ता
रस्ते को बस यूंही चलने दो।
कुछ तुम अपनी कहो
कुछ मेरी सुनो, जल्दी किसे है
खामोशियों को भी कुछ जगह रहने दो।
ये जो इश्क़ है
इक लंबा सफर है
चलो कुछ अल्फ़ाज़ रहने दो।
Contd...
इक लंबा सफर है
चलो कुछ अल्फ़ाज़ रहने दो।
बातें करेंगे एक दूजे की
धीमे धीमे, आहिस्ता आहिस्ता
रस्ते को बस यूंही चलने दो।
कुछ तुम अपनी कहो
कुछ मेरी सुनो, जल्दी किसे है
खामोशियों को भी कुछ जगह रहने दो।
ये जो इश्क़ है
इक लंबा सफर है
चलो कुछ अल्फ़ाज़ रहने दो।
Contd...