पिरो लो खाव्हिशों को धागों से,
ताकि वो हक़ीक़त बन जाए
कुछ देर ही सही खाव्हिशें जिन्दा तो रहेंगी
ताकि वो हक़ीक़त बन जाए
कुछ देर ही सही खाव्हिशें जिन्दा तो रहेंगी
कुछ लफ्ज़, कुछ अल्फाज़, कुछ बातें, कुछ यादें, कुछ कविता, कुछ नज़्म, आपके लिए पढ़े और बताएं कैसे थे...