Thursday, August 4, 2016

वो है हमारे हाकिम जो दिल का हाल नही समझते
और एक हम है जो उनके खातिर आँसू बहाए जा रहे है
दिल की रफ़्तार हो गयी है धीमी, फिर भी रुलाये जा रहे है
खता क्या थी जो खफा हो बैठे वो हमसे
और जब मनाऊं है तो बुरा मान जाते है
दिल की गहरायिओं में उतर के देखो तो
आपके नाम के ही कतरे बहाए जा रहे है
आपकी एक मुस्कराहट की तवज्जो है हमे
और आप हमारे अरमानो को दबाये जा रहे हैं
मान भी जाओ मेरे खुदा अब तो
आप ही है एक जो हमे जीने की राह दिखाए जा रहे है 

Sunday, June 26, 2016

आज उन्हें हमारी एक गलती नागवार गुजरी
और वो भूल गए
हमने उनकी हर बेवफाई को माफ़ किया

Monday, June 6, 2016

पिरो लो खाव्हिशों को धागों से,
ताकि वो हक़ीक़त बन जाए
कुछ देर ही सही खाव्हिशें जिन्दा तो रहेंगी

Thursday, June 2, 2016

गर हो जए मुहब्बत ये दोस्त
तो कहते है हम इश्क़ के विद्वान है
और मिली जब बेवफाई उन्हें ये अमितेश
तो केहते है आखिर ये किस चिड़िया का नाम हैं
Gud nyt kehne ka unka andaj itna bhaya ke
Subh ratri kehte kehte raat hi bit gayi...