हमने कभी उनसे मोहब्बत की आरज़ू न थी
पर इस कम्बखत दिल को कौन समझाए
धड़कता हर पल उनका ही नाम लेकर और
वो न आये तो इसे कौन मनाये
पर इस कम्बखत दिल को कौन समझाए
धड़कता हर पल उनका ही नाम लेकर और
वो न आये तो इसे कौन मनाये
कुछ लफ्ज़, कुछ अल्फाज़, कुछ बातें, कुछ यादें, कुछ कविता, कुछ नज़्म, आपके लिए पढ़े और बताएं कैसे थे...