वो याद कहाँ से लाऊंगा
वो बात कहां से लाऊँगा
संग तेरे जो बीती थी,
गर तू रूठी रही बस यूं
वो सारे जज़्बात कहाँ से लाऊँगा।
वो प्यारे प्यारे ख़्वाब तेरे
वो सजते से अरमान मेरे
जो साथ संजोये हमने थे
बिन तेरे कभी न पूरी होगी
कहीं रह न जाये बस यूँही अधूरे।
तेरा भी ये कहना था
और मैंने भी ये माना था
कुछ बात रही हमदोनो में
जो साथ यहां तक आये हैं
छोड़ो कुछ बातों को और दूर तलक निकलते है।
वो बात कहां से लाऊँगा
संग तेरे जो बीती थी,
गर तू रूठी रही बस यूं
वो सारे जज़्बात कहाँ से लाऊँगा।
वो प्यारे प्यारे ख़्वाब तेरे
वो सजते से अरमान मेरे
जो साथ संजोये हमने थे
बिन तेरे कभी न पूरी होगी
कहीं रह न जाये बस यूँही अधूरे।
तेरा भी ये कहना था
और मैंने भी ये माना था
कुछ बात रही हमदोनो में
जो साथ यहां तक आये हैं
छोड़ो कुछ बातों को और दूर तलक निकलते है।