Sunday, October 15, 2017

तेरी याद ....

वो याद कहाँ से लाऊंगा
वो बात कहां से लाऊँगा
संग तेरे जो बीती थी,
गर तू रूठी रही बस यूं
वो सारे जज़्बात कहाँ से लाऊँगा।

वो प्यारे प्यारे ख़्वाब तेरे
वो सजते से अरमान मेरे
जो साथ संजोये हमने थे
बिन तेरे कभी न पूरी होगी
कहीं रह न जाये बस यूँही अधूरे।

तेरा भी ये कहना था
और मैंने भी ये माना था
कुछ बात रही हमदोनो में
जो साथ यहां तक आये हैं
छोड़ो कुछ बातों को और दूर तलक निकलते है।

Monday, August 21, 2017

ना छुपाना कोई बात दिल में हो अगर
रखना थोड़ा भरोसा आप हमपर
हम निभाएंगे दोस्ती का रिश्ता इस कदर
की भूलने पर भी न भुला पाओगे हमें ज़िन्दगी भर।

Thursday, June 1, 2017

गर हो जए मुहब्बत ये दोस्त
तो कहते है हम इश्क़ के विद्वान है
और मिली जब बेवफाई उन्हें ये अमितेश
तो केहते है आखिर ये किस चिड़िया का नाम हैं

गुड नाईट कहने का उनका अंदाज़ इतना भाया की
शुभ रात्रि कहते कहते रात ही बीत गई

Saturday, May 27, 2017

हमने कभी उनसे मोहब्बत की आरज़ू  न थी
पर इस कम्बखत दिल को कौन समझाए
 धड़कता हर पल उनका ही नाम लेकर और
 वो न आये तो इसे कौन मनाये