कुछ लफ्ज़, कुछ अल्फाज़, कुछ बातें, कुछ यादें, कुछ कविता, कुछ नज़्म, आपके लिए पढ़े और बताएं कैसे थे...
Tuesday, December 18, 2018
Wednesday, October 31, 2018
तेजपत्ता
तेजपत्ता, प्रायः हर लज़ीज़ भारतीय व्यंजन का हिस्सा होता है जैसे दम आलू, बिरयानी, पुलाव, इत्यादि। खासकर जब छौंक लगाने की बात हो तो इसका इस्तेमाल अतिआवयश्क हो जाता है। जैसे कि इसका नाम है तेजपत्ता, ये खाने को एक अलग ख़ुशबू और स्वाद देता है, इतना ही नही बाकी मसलों के जायके को और बढ़ता है। पर जब खाने की बारी आती है
सबसे पहले हम उसे ही बाहर निकल के फेक देते है।
ठीक ऐसे ही, कुछ लोग प्रायः सबके जीवन मे आते है, उनके साथ कुछ देर चलते है, बिना कहे हमारी तकलीफ को समझते है और निस्वर्थ हमारी मदद करते है, और फिर चले जाते है, बिना किसी शिकायत के। और हम उनलोगों बड़ी आसानी से भूल भी जाते है। बिल्कुल उस तेजपत्ते की तरह।
मेरे जीवन के उन खास लोगों को सलाम।
सबसे पहले हम उसे ही बाहर निकल के फेक देते है।
ठीक ऐसे ही, कुछ लोग प्रायः सबके जीवन मे आते है, उनके साथ कुछ देर चलते है, बिना कहे हमारी तकलीफ को समझते है और निस्वर्थ हमारी मदद करते है, और फिर चले जाते है, बिना किसी शिकायत के। और हम उनलोगों बड़ी आसानी से भूल भी जाते है। बिल्कुल उस तेजपत्ते की तरह।
मेरे जीवन के उन खास लोगों को सलाम।
Sunday, October 28, 2018
बदनाम मेरे प्यार का अफसाना हुआ है,
दीवाने भी कहते हैं की दिवाना हुआ है.
रिश्ता था तभी तो किसी बेदर्द ने तोडा,
अपना था तभी तो कोई बेगाना हुआ है ...
बादल की तरह आ कर बरस जाइये एक दिन ,
दिल आप के होते हुए वीराना हुआ है.
बजते हैं ख्यालों में तेरी याद के घुंघरू,
कुछ दिन से मेरा घर भी परीखाना हुआ है.
मौसम ने बनाया है निगाहों को शराबी,
जिस फूल को देखूं वही पैमाना हुआ है ...
अनुपम रंजन
दीवाने भी कहते हैं की दिवाना हुआ है.
रिश्ता था तभी तो किसी बेदर्द ने तोडा,
अपना था तभी तो कोई बेगाना हुआ है ...
बादल की तरह आ कर बरस जाइये एक दिन ,
दिल आप के होते हुए वीराना हुआ है.
बजते हैं ख्यालों में तेरी याद के घुंघरू,
कुछ दिन से मेरा घर भी परीखाना हुआ है.
मौसम ने बनाया है निगाहों को शराबी,
जिस फूल को देखूं वही पैमाना हुआ है ...
अनुपम रंजन
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