अब तो मुक्कमल बात भी नही होती उनसे
जिनके हम कभी अज़ीज हुआ करते थे।
वजह क्या थी इसका इल्म नही
पर शायद लगता है अब हमारी जरूरत नही।।
जिनके हम कभी अज़ीज हुआ करते थे।
वजह क्या थी इसका इल्म नही
पर शायद लगता है अब हमारी जरूरत नही।।
कुछ लफ्ज़, कुछ अल्फाज़, कुछ बातें, कुछ यादें, कुछ कविता, कुछ नज़्म, आपके लिए पढ़े और बताएं कैसे थे...