Tuesday, January 23, 2018

वो दो ख़त...

लिखे थे तुमने दो ही ख़त मुझको
एक, जिसमे प्यार भरा था,
और दूसरे में, शिक़वा-गिला था...
आज तक बस यही सोच में है दिल
कौन सा ख़त, भला था
और कौन सा ख़त बुरा था...

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