Wednesday, May 2, 2018

माँ...

धरती  पे  इश्वर  की  तलाश है
मालिक  तेरा  बंद  कितना  निराश  है 
क्यों  खोजता  है  इन्शा इश्वर  को
जबकि  तेरे  दुसरे  रूप  में
माँ  उसके  इतने  पास  है

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