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Monday, February 8, 2016

प्रपोज DAY

करना था उन्हें प्रपोज
हाथ में लिया एक प्यरा सा रोज़
लिया मन में आशंकाएं
कहीं एक थप्पड़ ना पड़ जाए
मांगता चला ऊपर वाले से दुईएँ
हे प्रभु आज दिन अच्छा जाये
चल पड़ा उनके रास्ते
शायद कहीं मुलाकात हो जाये
देखो भगवान की क्या मर्जी थी
उसकी आँख, पहले से किसी और से लड़ी थी
हुआ मेरा दिल चुर चुर और मै गुर्राया
मेरे हाथों का फूल भी मुरझाया
सोचा अब करना है क्या
दिल ने तुरंत ही भेज उत्तर
इंतजार कर आगले प्रपोज डे का पुत्तर