रूठता है वो, मनाता हूँ मै
रूठता हूँ मै, मनाता वो है
लंच भी छीन कर खाता वो है
घर से आई हर चीज की वाट लगता वो है
मेरी हर एक पसंद को भाभी बुलाता वो है
बात बात पे उससे शादी का साहस दिलाता वो है
हर छोटी सी ख़ुशी पे पार्टी की ज़िद लगाता वो है
दोस्ती की दुहाई देके जेब खाली करवाता वो है
हर बात पे बियर की जुगत लगता वो है
हर मुश्किल साथ खड़ा नज़र आता वो है
मेरी हर परेशानी अपनाता वो है
और रुलाएगा क्या केह कर मुस्कुराता वो है
रूठता हूँ मै, मनाता वो है
लंच भी छीन कर खाता वो है
घर से आई हर चीज की वाट लगता वो है
मेरी हर एक पसंद को भाभी बुलाता वो है
बात बात पे उससे शादी का साहस दिलाता वो है
हर छोटी सी ख़ुशी पे पार्टी की ज़िद लगाता वो है
दोस्ती की दुहाई देके जेब खाली करवाता वो है
हर बात पे बियर की जुगत लगता वो है
हर मुश्किल साथ खड़ा नज़र आता वो है
मेरी हर परेशानी अपनाता वो है
और रुलाएगा क्या केह कर मुस्कुराता वो है
ये वो बहुत याद आते है
ये वो हैं जो हमारे दोस्त कहलाते है
ये वो हैं जो हमारे दोस्त कहलाते है
happy friendship Day
After a long time i wrote something
Thanks friends its due to you...
Thanks friends its due to you...