Saturday, March 9, 2013

मखमली सरसराहट


नरम  की वो मखमली सरसराहट 
और उनकी आँखों की वो  जगमगाहट 
 काफी है किसी को  दिवाना बना दे 
जैसे हो हो उनके आने की आहट |

Monday, February 25, 2013

HAPPY DAYS


Time doesn't wait for you or me,

Days pass & years change,

you missed your loved ones,

you move away from your closed ones,

your life changes,
friends change,
people change
but your heart has those
precious moments engraved in it
whether you want or not.

They are always there, making you happy at sad times and sad at happy times.

you think about those "HAPPY DAYS", then smile & when someone asks the reason for smile


you just say


"NOTHING"

पहली किरण

बहुत दिनों बाद आज देखी सुबह की पहली किरण
कितनी सुन्दर, कितनी निर्मल ।
वो कोयल की कूंक और चिड़ियों की कल कल
 सितारें पद रहे है धुंधले,
और अँधेरा छंट रहा पल पल।

मंद मंद चल रही ठंढी हवाएं,
जिसमे फूलों की भीनी सी खुशबू है समाएं ,
मनो जग रही हो नयी आशायें ।

चाँद अब पद चूका मद्धिम
सूरज की लालिमा बढ़ रही हरपल,
मोती सी ओंस बिखरी हरी घास पे
रात जाने लगी और दिन आया पुरे शबाब पे ।

आज की तेज जिन्दगी का है ये हाल,
न पता चलता कब हुआ सवेरा
और न ही दीखता कब घिरा अंधेरा
ऐसी सुन्दर और मोहक सुबह ने,
मन के अन्दर तारों को उकेरा,
प्राण किया अब मैंने भी रोज देखूंगा ये सवेरा ।

Monday, March 19, 2012

क्या है जिन्दगी ?


लोगों के सवाल से
और कईयों के जवाब से
मन  एक शंका भरमाई
ढूढने  बैठ गया मई आज
जीवन की गहराई ।
    क्या है ये जिन्दगी ?
उलझो  सवाल है जिंदगी
ढूंढ़ सको तो जवाब है जिन्दगी
पढो तो कताब है जिन्दगी
खुल  के जियो  तो कमाल है जिन्दगी ।


खुशियों का समन्दर है जिन्दगी
और दुखों का अम्बार भी है जिन्दगी
आगे बढ़ते रहे तो जीत है जिन्दगी
गर रुके तो हार भी है जिन्दगी ।

ये जीवन मिलता हमे सिर्फ एक बार
मनो इश्वर का उपकार
यंही मिलते हमे रिश्ते नाते और दोस्तों का साथ
और सबसे ऊपर माँ बाप का प्यार ।

ये जीवन बहुत सिखाती है
हर कदम एक नै रह दिखाती है
और गर मिल के चले साथ साथ
तो जिन्दगी कमल बन जाती है ।

Thursday, February 9, 2012

INDIA AGAINST CORRUPTION


सन १९४७ के बाद पुनः आने वाला है नया सवेरा
क्योंकि जाग चुका है देश ये मेरा
जैसे गांघी ने सोये लोगों के
जज्ज्बातों को उकेरा
हुई नयी क्रांति और आजाद हुआ देश हमारा

आज देश में है भ्रस्टाचार का बोलबाला
कहीं 2G कहीं CWG तो कहीं आदर्श घोटाला
शुरु हुआ है एक नया खेल
नाम जिसका लोकपाल बिल
जनता की आँखों पर बंधी पट्टी हटाई
और भ्रस्टाचार के खिलाफ आवाज़ उठाई
बैठ गए वो अनशन पे
सरकार हिली उनके जन्शाम्र्थान से
आज बन गए हैं जनमानस के आँखों के तारे
है आज के गाँधी, अन्ना हजारे हमारे

भ्रस्टाचार के खिलाफ आगे आओ
भ्रस्ताचारियों को हटाओ
जन लोकपल बिल लाओ
साफ़ सुथरी सरकार बनाओ
भ्रस्टाचार हटाओ
भारत बचाओ देश बचाओ