कुछ इसलिए भी नही करते हाल - ए - दिल बयां.
समझता कोई नही, समझाता हर कोई ...
Monday, November 13, 2017
मै तन्हा पुकारता रहा वो भी तनहा सुनती रही। उसे शायद इल्म न था क्या हूँ मै उसके खातिर? या फिर कुछ मजबूरी थी। कहती थी की तुम अपने हो फिर भी मेरा जिक्र न था|