Thursday, November 30, 2017

वो हमसे होना चाहते है दूर
न इसकी कोई है वजह
ना मेरा कोई कुसूर|

हाल - ए - दिल बयां

कुछ इसलिए भी नही करते हाल - ए - दिल बयां.
समझता कोई नही, समझाता हर कोई ...

Monday, November 13, 2017

मै तन्हा पुकारता रहा
वो भी तनहा सुनती रही।
उसे शायद इल्म न था
क्या हूँ मै उसके खातिर?
या फिर कुछ मजबूरी थी।
कहती थी की तुम अपने हो
फिर भी मेरा जिक्र न था|

Saturday, November 4, 2017

वो भी एक ज़माना था जब दो बात कम हो तो मुंह फेर लेती थी,
और एक आज का वक़्त है जब चाह है दो लफ्ज़ कह सकूँ उन्हें तो भी मुंह फेर लेती है |