Wednesday, May 2, 2018

माँ...

धरती  पे  इश्वर  की  तलाश है
मालिक  तेरा  बंद  कितना  निराश  है 
क्यों  खोजता  है  इन्शा इश्वर  को
जबकि  तेरे  दुसरे  रूप  में
माँ  उसके  इतने  पास  है

Saturday, April 7, 2018

छू ले आसमां

छू ले आसमां, जमीं की तू तलाश न कर
मज़ा ले ले ज़िन्दगी का, खुशियों की तो तलाश न कर
ग़मों से दूर होकर, तेरी तक़दीर भी बदल जायेगी
मुस्कुराना सिख ले उसकी वजह की तलाश न कर।

Thursday, March 22, 2018

ख्वाहिश  नही  मुझे मशहुर  होने  की।
आप  मुझे  पहचानते  हो  बस  इतना  ही  काफी  है।
अच्छे  ने  अच्छा  और  बुरे  ने  बुरा  जाना  मुझे।
क्यों  की  जिसकी  जीतनी  जरुरत  थी  उसने  उतना  ही  पहचाना  मुझे।
ज़िन्दगी  का  फ़लसफ़ा भी  कितना  अजीब  है,
शामें  कटती  नहीं, और  साल  गुज़रते  चले  जा  रहे  हैं....!!
एक  अजीब  सी  दौड़  है  ये  ज़िन्दगी,
जीत  जाओ  तो  कई  अपने  पीछे  छूट  जाते  हैं,
और  हार  जाओ तो अपने ही पीछे  छोड़  जाते  हैं।

Sunday, February 11, 2018

अब सोच था कि,
जिंदगी के मज़े लेंगे
पर ये तो और उलझती चली गई।

Tuesday, January 30, 2018

उनकी सूरत और यादें

उनकी हर एक याद को जेहन में छुपा रखा है
उनकी हर एक मुलाक़ात को दिल मे दबा रखा है
वो हमें भूल भी जाये कोई गम नही यारों
उनकी सूरत आज भी सीने से लगा रखा है