धरती पे इश्वर की तलाश है
मालिक तेरा बंद कितना निराश है
क्यों खोजता है इन्शा इश्वर को
जबकि तेरे दुसरे रूप में
माँ उसके इतने पास है
मालिक तेरा बंद कितना निराश है
क्यों खोजता है इन्शा इश्वर को
जबकि तेरे दुसरे रूप में
माँ उसके इतने पास है
कुछ लफ्ज़, कुछ अल्फाज़, कुछ बातें, कुछ यादें, कुछ कविता, कुछ नज़्म, आपके लिए पढ़े और बताएं कैसे थे...