कुछ लफ्ज़, कुछ अल्फाज़, कुछ बातें, कुछ यादें, कुछ कविता, कुछ नज़्म, आपके लिए पढ़े और बताएं कैसे थे...
Saturday, July 14, 2018
तू नही है तो क्या
तेरी परछाई आज भी वन्ही दिखती है
बस तस्सल्ली हो जाती है
शायद तुम आज भी यहीं हो।
एक तो घुप काली रात और ऊपर से ये अँधेरी परछाई,
हर तरफ सन्नाटा और जाने किधर से कोयल की कुक आयी,
अँधेरे की आगोश में सिमटा है सब कुछ,
और एक हम है जिसे अब तक नींद नही आयी।
Sunday, May 27, 2018
शेर-ओ-शायरी तो दिल बहलाने का जरिया है जनाब,
लफ़्ज़ कागज पर उतारने से महबूब नहीं लौटा करते...!
when u feel u are alone in crowd
when u think no one can understand you
when u think ur love is rejected by others
and when u hate ur life just close ur eyes..
and think about her who loves u truly
cares for u in lonelinessdies when you cry
she is no one else
but MOM
maa i love you
My feelings, urs too ...
Wednesday, May 2, 2018
कभी थे गहरे दोस्त अब होने वाली है उनमे भयंकर जंग
छुप छुपके साथ देते थे,और कहते थे इस बात में नही कोई दम
अब सँभालने की बरी उसकी है, जिसने सींचा और फैलाया आतंक
क्योंकि अब, तालिबान ने कहा है अब हमारा पाक दुश्मन नंबर वन