Sunday, March 29, 2015

हमें मुहब्बत उनसे है...

उन्हें पता है, पता नही
की हमें मुहब्बत उनसे है
की हमें मुहब्बत उनसे है ।

बातें होती ढेर सारी सी,
 यहां - वहां की, खूब सारी सी,
व्हाट्सप्प से हो या फेसबुक से हो
स्माइली हो या हाईक स्टीकर हो,
पर अब तक उसे यह केह नही पाया
की हमें मुहब्बत उनसे है
की हमें मुहब्बत उनसे है ।

बातें होंगी तो झगड़ा  भी है ,
रिवेंज भी है रगड़ा भी है
आंसू भी है पर मुस्कान बहुत है
और बातों का अम्बार बहुत है 
पर अब तक उसे यह केह नही पाया
की हमें मुहब्बत उनसे है
की हमें मुहब्बत उनसे है ।

गुड मॉर्निग, गुड इवनिंग की पूछो मत,
सुबह यहीं से शाम यहीं तक
how are you, How's the day,
लंच किया, डिनर किया,
अब तो ये संस्कार से है,
पर अब तक उसे यह केह नही पाया
की हमें मुहब्बत उनसे है
की हमें मुहब्बत उनसे है ।

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